श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 11: कृष्ण की बाल-लीलाएँ  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  10.11.36 
वृन्दावनं गोवर्धनं यमुनापुलिनानि च ।
वीक्ष्यासीदुत्तमा प्रीती राममाधवयोर्नृप ॥ ३६ ॥
 
 
अनुवाद
हे राजन् परीक्षित, जब राम और कृष्ण ने वृन्दावन, गोवर्धन और यमुना नदी के किनारों को देखा तो दोनों को अत्यंत हर्ष हुआ।
 
O King Parikshit, when Rama and Krishna saw Vrindavan, Govardhana and the banks of the Yamuna River, they both felt very happy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)