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bhagavat 10.1.26: शुकदेव गोस्वामी ने कहा: इस प्रकार देवताओं को सलाह देकर और धरती माँ को आश्वस्त करके, अत्यंत शक्तिशाली भगवान ब्रह्मा, जो अन्य सभी प्रजापतियों के स्वामी हैं और इसलिए प्रजापति-पति के रूप में जाने जाते हैं, अपने निवास ब्रह्मलोक लौट गए।   |   bhagavat अध्याय 10.1: भगवान् श्रीकृष्ण का अवतार: परिचय   ।   bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 1: भगवान् श्रीकृष्ण का अवतार: परिचय  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  10.1.26 
श्रीशुक उवाच
इत्यादिश्यामरगणान् प्रजापतिपतिर्विभु: ।
आश्वास्य च महीं गीर्भि: स्वधाम परमं ययौ ॥ २६ ॥
 
 
अनुवाद
शुकदेव गोस्वामी ने कहा: इस प्रकार देवताओं को सलाह देकर और धरती माँ को आश्वस्त करके, अत्यंत शक्तिशाली भगवान ब्रह्मा, जो अन्य सभी प्रजापतियों के स्वामी हैं और इसलिए प्रजापति-पति के रूप में जाने जाते हैं, अपने निवास ब्रह्मलोक लौट गए।
 
Sukadeva Goswami continued: Having thus advised the demigods and reassured mother earth, the extremely powerful Brahmā, who is called Prajapati-pati because he is the lord of all Prajapatis, returned to his abode, Brahmaloka.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)