Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 1.9.2: उस समय उनके सब भाई स्वर्ण आभूषणों से सुसज्जित श्रेष्ठ नस्ल के घोड़ों द्वारा खींचे जा रहे सुंदर रथों पर उनके पीछे-पीछे चल रहे थे। उनके साथ व्यासदेव और धौम्य (पाण्डवों के विद्वान पुरोहित) जैसे ऋषि तथा अन्य लोग भी थे। | bhagavat अध्याय 1.9: भगवान् कृष्ण की उपस्थिति में भीष्मदेव का देह-त्याग । bhagavat स्कन्ध 1: सृष्टि । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तदा ते भ्रातर: सर्वे सदश्वै: स्वर्णभूषितै: ।
अन्वगच्छन् रथैर्विप्रा व्यासधौम्यादयस्तथा ॥ २ ॥
अनुवाद
उस समय उनके सब भाई स्वर्ण आभूषणों से सुसज्जित श्रेष्ठ नस्ल के घोड़ों द्वारा खींचे जा रहे सुंदर रथों पर उनके पीछे-पीछे चल रहे थे। उनके साथ व्यासदेव और धौम्य (पाण्डवों के विद्वान पुरोहित) जैसे ऋषि तथा अन्य लोग भी थे।
At that time all his brothers were following him in beautiful chariots drawn by top-class horses adorned with golden ornaments. They were accompanied by Rishis like Vyasadeva and Dhoumya (learned priests of the Pandavas) and others.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥