उत्तरा बोलीं: हे देवाधिदेव! हे ब्रह्मांड के स्वामी! आप योगियों में श्रेष्ठ हैं। इस द्वैत से भरे संसार में आप ही मेरी रक्षा कर सकते हैं, कृपया मेरी रक्षा करें।
Uttara said: O Lord of all the worlds, O Lord of the universe, you are the greatest yogi. Please protect me, because in this dualistic world there is no one other than you who can save me from the clutches of death.
तात्पर्य
यह भौतिक जगत द्वैत का संसार है, जबकि परम तत्व की एकता के विपरीत है। द्वैत का संसार पदार्थ और आत्मा से बना है, जबकि परम तत्व भौतिक गुणों के बिना पूर्ण आत्मा है। दोहरे संसार में हर कोई झूठे तरीके से संसार का स्वामी बनने की कोशिश करता है, जबकि परम तत्व में भगवान परमेश्वर हैं, और अन्य सभी उनके पूर्ण सेवक हैं। द्वैत के संसार में हर कोई दूसरों से ईर्ष्या करता है, और पदार्थ और आत्मा के दोहरे अस्तित्व के कारण मृत्यु अपरिहार्य है। भगवान आत्मसमर्पण करने वाली आत्मा के लिए निडरता का एकमात्र आश्रय है। कोई भी भगवान के चरणों में आत्मसमर्पण किए बिना भौतिक दुनिया में मृत्यु के क्रूर हाथों से खुद को नहीं बचा सकता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥