प्रभु, तुम द्रोणाचार्य की पत्नी को मेरी तरह मत रुलाओ। मैं अपने पुत्रों के खोने से दुखी हूँ। कहीं उसे मेरे जैसा निरंतर विलाप न करना पड़े।
O lord, do not make Dronacharya's wife cry like me. I am saddened by the death of my sons. May she also not have to cry continuously like me.
तात्पर्य
दयालु, भली स्त्री होने के कारण, श्रीमती द्रौपदी द्रोणाचार्य की पत्नी को भी निःसंतान की स्थिति में नहीं डालना चाहती थीं, दोनों ही कारणों से - एक माता का स्नेह और दूसरा द्रोणाचार्य की पत्नी का सम्मानित स्थान।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥