न ह्यस्यान्यतमं किञ्चिदस्त्रं प्रत्यवकर्शनम् ।
जह्यस्त्रतेज उन्नद्धमस्त्रज्ञो ह्यस्त्रतेजसा ॥ २८ ॥
अनुवाद
हे अर्जुन, केवल एक और ब्रह्मास्त्र ही इस अस्त्र का मुकाबला कर सकता है। चूंकि तुम युद्ध विद्या में निपुण हो, इसीलिए अपने अस्त्र की ताकत से इस अस्त्र की तेजस्विता को कम करो।
O Arjuna, only the second Brahmastra can neutralize this weapon. Since you are very proficient in military science, therefore, extinguish the power of this weapon with the power of your weapon.
तात्पर्य
परमाणु बमों का प्रतिकार करने के लिए कोई उपाय नहीं है जिससे उनके प्रभाव को बेअसर किया जा सके। लेकिन सूक्ष्म विज्ञान से ब्रह्मास्त्र की क्रिया को प्रतिवादित किया जा सकता है, और जो लोग उस समय सैन्य विज्ञान में पारंगत थे, वे ब्रह्मास्त्र का प्रतिकार कर सकते थे। द्रोणाचार्य के पुत्र को हथियार का प्रतिकार करने की कला नहीं पता थी, और इसलिए अर्जुन को अपने हथियार की शक्ति से इसका प्रतिकार करने के लिए कहा गया था।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥