तमापतन्तं स विलक्ष्य दूरात्
कुमारहोद्विग्नमना रथेन ।
पराद्रवत्प्राणपरीप्सुरुर्व्यां
यावद्गमं रुद्रभयाद्यथा क: ॥ १८ ॥
अनुवाद
राकुमारों का हत्यारा, अश्वत्थामा, ने दूर से ही अर्जुन को तेजी से अपनी ओर आते हुए देखकर अपने प्राणों की रक्षा करने के लिए उसी प्रकार रथ पर सवार होकर भाग निकला, जैसे कि ब्रह्माजी भय के कारण भगवान शिव से भागे थे।
Ashvatthama, the killer of princes, seeing Arjuna from a distance rapidly approaching him, rode his chariot in fear and fled for his life, just as Brahma had fled in fear from Lord Shiva.
तात्पर्य
पठन सामग्री के अनुसार, या तो कः या अर्काः, पुराणों में दो संदर्भ हैं। कः का अर्थ ब्रह्मा है, जो एक बार अपनी बेटी से मोहित हो गए और उसका पीछा करने लगे, जिससे शिव क्रोधित हो गए और उन्होंने ब्रह्मा पर अपने त्रिशूल से हमला किया। ब्रह्माजी अपने प्राणों के भय से भाग निकले। जहाँ तक अर्काः का प्रश्न है, वामन पुराण में एक संदर्भ है। विद्युन्माली नाम का एक दानव था जिसे एक चमकते सुनहरे हवाई जहाज का उपहार मिला था जो सूर्य के पीछे तक जाता था, और इस विमान की चमकदार चमक के कारण रात गायब हो गई। इस प्रकार सूर्य देव क्रोधित हो गए, और अपनी विषैली किरणों से उन्होंने विमान को पिघला दिया। इसने भगवान शिव को क्रोधित कर दिया। भगवान शिव ने तब सूर्य देव पर हमला किया, जो भाग गए और अंत में काशी (वाराणसी) में गिर पड़े, और वह स्थान लोलार्क के नाम से प्रसिद्ध हो गया।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥