जिज्ञासितं सुसम्पन्नमपि ते महदद्भुतम् ।
कृतवान् भारतं यस्त्वं सर्वार्थपरिबृंहितम् ॥ ३ ॥
अनुवाद
तुम्हारे प्रश्न और अध्ययन एक ही तरह के पूर्ण हैं, और इसमें संदेह नहीं कि तुमने एक महान और सुंदर ग्रंथ महाभारत का निर्माण किया है, जिसमें सभी प्रकार के वैदिक फलों (पुरुषार्थों) की विस्तृत व्याख्या है।
Your curiosity is complete and your studies are also well done. There is no doubt that you have produced a great and wonderful book Mahabharata, which is full of detailed explanations of all types of Vedic fruits (purusharths).
तात्पर्य
व्यासदेव का निराशावादिता निश्चित रूप से उनके ज्ञान की कमी के कारण नहीं था क्योंकि एक छात्र के रूप में उन्होंने वैदिक साहित्यों के बारे में पूरी तरह से पूछताछ की थी, जिसके परिणामस्वरूप महाभारत को वेदों के पूर्ण व्याख्यान के साथ संकलित किया गया।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥