कथं वा पाण्डवेयस्य राजर्षेर्मुनिना सह ।
संवाद: समभूत्तात यत्रैषा सात्वती श्रुति: ॥ ७ ॥
अनुवाद
कैसे घटित हुआ कि राजा परीक्षित की इस महामुनि से भेंट हुई, जिसके परिणामस्वरूप वेदों के इस महान आध्यात्मिक सार (भागवत) का उन्हें सुनाया जाना संभव हो सका?
How did King Parikshit meet this great sage as a result of which the reading of this great divine essence of the Vedas (Bhagavatam) became possible?
तात्पर्य
श्रीमद्भागवतम् यहाँ वेदों के सार के रूप में कहा गया है। यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं है जैसा कि कभी-कभी अनधिकृत पुरुषों द्वारा माना जाता है। इसे शुका-संहिता या वेदों का वह स्तोत्र भी कहा जाता है जिसे श्री शुकदेव गोस्वामी, महान मुक्त ऋषि ने सुनाया था।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥