Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 1.4.20: वेदों, जो ज्ञान के मूल स्रोत हैं, को चार अलग-अलग भागों में विभाजित किया गया था। दूसरी ओर, पुराणों में पाए जाने वाले ऐतिहासिक तथ्यों और प्रामाणिक कहानियों को पाँचवाँ वेद माना जाता है। | bhagavat अध्याय 1.4: श्री नारद का प्राकट्य । bhagavat स्कन्ध 1: सृष्टि । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऋग्यजु:सामाथर्वाख्या वेदाश्चत्वार उद्धृता: ।
इतिहासपुराणं च पञ्चमो वेद उच्यते ॥ २० ॥
अनुवाद
वेदों, जो ज्ञान के मूल स्रोत हैं, को चार अलग-अलग भागों में विभाजित किया गया था। दूसरी ओर, पुराणों में पाए जाने वाले ऐतिहासिक तथ्यों और प्रामाणिक कहानियों को पाँचवाँ वेद माना जाता है।
The original sources of knowledge (Vedas) were divided into four separate divisions. But the historical facts and authentic stories described in the Puranas are called the fifth Veda.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥