| श्रीमद् भागवतम » स्कन्ध 1: सृष्टि » अध्याय 3: समस्त अवतारों के स्रोत : कृष्ण » श्लोक 6 |
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| | | | श्लोक 1.3.6  | स एव प्रथमं देव: कौमारं सर्गमाश्रित: ।
चचार दुश्चरं ब्रह्मा ब्रह्मचर्यमखण्डितम् ॥ ६ ॥ | | | | | | अनुवाद | | सृष्टि के आरंभ में सर्वप्रथम ब्रह्मा के चार अविवाहित पुत्र (कुमारगण) थे, जो ब्रह्मचर्य व्रत धारण करके परम सत्य को जानने के लिए कठोर तपस्या करते थे। | | | | सृष्टि के आरंभ में सर्वप्रथम ब्रह्मा के चार अविवाहित पुत्र (कुमारगण) थे, जो ब्रह्मचर्य व्रत धारण करके परम सत्य को जानने के लिए कठोर तपस्या करते थे। | | ✨ ai-generated | | |
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