श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 1: सृष्टि  »  अध्याय 3: समस्त अवतारों के स्रोत : कृष्ण  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  1.3.19 
पञ्चदशं वामनकं कृत्वागादध्वरं बले: ।
पदत्रयं याचमान: प्रत्यादित्सुस्त्रिपिष्टपम् ॥ १९ ॥
 
 
अनुवाद
पन्द्रहवें अवतार में भगवान वामन का रूप धारण कर के महाराज बली द्वारा आयोजित यज्ञ में पधारे। यद्यपि वे हृदय से तीनों लोकों का राज्य पाना चाहते थे, किन्तु उन्होंने राजा से केवल तीन पग भूमि मागी।
 
पन्द्रहवें अवतार में भगवान वामन का रूप धारण कर के महाराज बली द्वारा आयोजित यज्ञ में पधारे। यद्यपि वे हृदय से तीनों लोकों का राज्य पाना चाहते थे, किन्तु उन्होंने राजा से केवल तीन पग भूमि मागी।
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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