श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 1: सृष्टि  »  अध्याय 3: समस्त अवतारों के स्रोत : कृष्ण  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  1.3.13 
अष्टमे मेरुदेव्यां तु नाभेर्जात उरुक्रम: ।
दर्शयन् वर्त्म धीराणां सर्वाश्रमनमस्कृतम् ॥ १३ ॥
 
 
अनुवाद
आठवें अवतार राजा ऋषभ के रूप में हुए। राजा नाभि और उनकी पत्नी मेरुदेवी के पुत्र थे राजा ऋषभ। इस अवतार में भगवान ने पूर्णता का मार्ग दिखलाया जिसका अनुसरण उन लोगों द्वारा किया जाता है जिन्होंने अपनी इंद्रियों को पूरी तरह से संयमित कर लिया है और जो सभी वर्णाश्रम के लोगों द्वारा पूजनीय हैं।
 
आठवें अवतार राजा ऋषभ के रूप में हुए। राजा नाभि और उनकी पत्नी मेरुदेवी के पुत्र थे राजा ऋषभ। इस अवतार में भगवान ने पूर्णता का मार्ग दिखलाया जिसका अनुसरण उन लोगों द्वारा किया जाता है जिन्होंने अपनी इंद्रियों को पूरी तरह से संयमित कर लिया है और जो सभी वर्णाश्रम के लोगों द्वारा पूजनीय हैं।
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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