श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 1: सृष्टि  »  अध्याय 3: समस्त अवतारों के स्रोत : कृष्ण  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.3.12 
तत: सप्तम आकूत्यां रुचेर्यज्ञोऽभ्यजायत ।
स यामाद्यै: सुरगणैरपात्स्वायम्भुवान्तरम् ॥ १२ ॥
 
 
अनुवाद
सातवें अवतार प्रजापति रुचि और उनकी पत्नी आकूति के पुत्र यज्ञ थे। उन्होंने स्वायम्भुव मनु के बदलने पर शासन संभाला और अपने पुत्र यम जैसे देवताओं की सहायता ली।
 
सातवें अवतार प्रजापति रुचि और उनकी पत्नी आकूति के पुत्र यज्ञ थे। उन्होंने स्वायम्भुव मनु के बदलने पर शासन संभाला और अपने पुत्र यम जैसे देवताओं की सहायता ली।
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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