श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 1: सृष्टि  »  अध्याय 18: ब्राह्मण बालक द्वारा महाराज परीक्षित को शाप  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  1.18.20 
एतावतालं ननु सूचितेन
गुणैरसाम्यानतिशायनस्य ।
हित्वेतरान् प्रार्थयतो विभूति-
र्यस्याङ्‌घ्रिरेणुं जुषतेऽनभीप्सो: ॥ २० ॥
 
 
अनुवाद
अब यह तय हो गया है कि वे (भगवान) अनंत हैं और उनके बराबर कोई और नहीं है। परिणामस्वरूप, कोई भी उनके बारे में पर्याप्त रूप से नहीं बोल सकता है। महान देवता भी स्तुतियों के माध्यम से उस लक्ष्मी देवी का अनुग्रह प्राप्त नहीं कर पाते हैं, वही देवी भगवान की सेवा करती है, हालाँकि भगवान ऐसी सेवा के लिए अनिच्छुक रहते हैं।
 
Now it is certain that He (God) is infinite and there is no one equal to Him. Consequently no one can speak enough about Him. Goddess Lakshmi, whose grace even the greatest gods cannot obtain by their prayers, serves the Lord, although the Lord is reluctant to receive such service.
तात्पर्य
श्रुतियों के अनुसार, ईश्वर के व्यक्तित्व या परमेश्वर परब्रह्म, को कुछ नहीं करना है। उनका कोई समान नहीं है। न ही कोई उन्हें पार करता है। उनकी असीमित शक्तियाँ हैं, और हर कार्य उनका स्वाभाविक और परिपूर्ण तरीका है। इस प्रकार, ईश्वर का सर्वोच्च व्यक्तित्व स्वयं में पूर्ण है, और उन्हें ब्रह्मा जैसे महान देवताओं सहित किसी और से कुछ भी प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है। अन्य लोग भाग्य की देवी से एहसान मांगते हैं, और इस तरह की प्रार्थनाओं के बावजूद वह ऐसे एहसान देने से इंकार कर देती है। लेकिन फिर भी वह ईश्वर के सर्वोच्च व्यक्तित्व की सेवा करती है, हालाँकि उन्हें उससे कुछ भी स्वीकार करने की आवश्यकता नहीं है। ईश्वर का व्यक्तित्व अपने गर्भोदकाशी विष्णु रूप में ब्रह्मा को जन्म देते हैं, जो भौतिक दुनिया में बनाया गया पहला व्यक्ति है, उनके नाभि कमल के तने से और भाग्य की देवी के गर्भ से नहीं, जो हमेशा उनकी सेवा में लगी रहती है। ये उनकी पूर्ण स्वतंत्रता और पूर्णता के कुछ उदाहरण हैं। कि उन्हें कुछ नहीं करना है, इसका मतलब यह नहीं है कि वे अवैयक्तिक हैं। वह अकल्पनीय क्षमताओं से इतने पूर्ण हैं कि केवल उनकी इच्छा से, सब कुछ बिना शारीरिक या व्यक्तिगत प्रयास के हो जाता है। इसलिए, उन्हें योगेश्वर या सभी रहस्यमय शक्तियों का भगवान कहा जाता है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)