जनेऽनागस्यघं युञ्जन् सर्वतोऽस्य च मद्भयम् ।
साधूनां भद्रमेव स्यादसाधुदमने कृते ॥ १४ ॥
अनुवाद
जो कोई भी निर्दोष जीवों को पीड़ा देता है, उसे चाहिए कि वह दुनिया में कहीं भी हो, मुझसे डरे। दुष्ट लोगों पर अंकुश लगाने से सहज ही निर्दोष व्यक्ति स्वयं लाभान्वित होता है।
Anyone who harms innocent beings should fear me wherever he is in the world. By suppressing the wicked, the innocent person automatically benefits.
तात्पर्य
कायर और नपुंसक प्रधानों के कारण ही बेईमान दुष्ट फलते-फूलते हैं। परन्तु जब प्रधान किसी भी भाग में सभी प्रकार के बेईमान दुष्टों पर अंकुश लगाने के लिए पर्याप्त शक्तिशाली होंगे, निश्चित रूप से वे फल-फूल नहीं सकते। दुष्टों को जब अनुकरणीय तरीके से दंडित किया जाता है, तो स्वचालित रूप से सभी सौभाग्य स्वयं चलकर आते हैं। जैसा कि पहले कहा गया है, राजा या प्रधान का पहला कर्तव्य है कि वह राज्य के शांतिपूर्ण, निरपराध नागरिकों को सभी प्रकार से सुरक्षा प्रदान करें। भगवान के भक्त स्वभाव से शांतिपूर्ण और निरपराध होते हैं, इसलिए राज्य का पहला कर्तव्य यह व्यवस्था करना है कि सभी भगवान के भक्त बन जाएं। इस प्रकार स्वचालित रूप से शांतिपूर्ण, निरपराध नागरिक होंगे। फिर राजा का एकमात्र कर्तव्य बेईमान दुष्टों पर अंकुश लगाना होगा। यह पूरे मानव समाज में शांति और सद्भाव लाएगा।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥