या यह कि तुम इसलिए खालीपन महसूस कर रहे हो कि तुमने अपने सबसे घनिष्ठ मित्र भगवान कृष्ण को खो दिया होगा? हे मेरे भाई अर्जुन, तुम इतने हताश होने का मुझे कोई और कारण नहीं दिखता।
Or is it that you are feeling empty because you have lost your close friend Lord Krishna? O my brother Arjuna, I see no other reason for you to be so dejected.
तात्पर्य
विश्व स्थिति के संबंध में महाराज युधिष्ठिर की सारी जिज्ञासाएँ पहले ही श्रीकृष्ण की दुनिया से विलुप्ति के आधार पर महाराज युधिष्ठिर द्वारा अनुमानित की जा चुकी थी, और अब उन्हें अर्जुन के तीव्र अवसाद के कारण ही उजागर किया गया, जो अन्यथा संभव नहीं हो सकता था। इसलिए भले ही वे इसके बारे में संदिग्ध थे, लेकिन उन्हें श्री नारद के संकेत के आधार पर अर्जुन से सीधे पूछताछ करने के लिए बाध्य किया गया था।
इस प्रकार श्रीमद् भागवतम के स्कन्ध एक के अंतर्गत चौदहवाँ अध्याय समाप्त होता है ।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥