वृष्णि-वंश के महान सेनापति प्रद्युम्न कैसे हैं? क्या वे खुश हैं? और भगवान के पूर्ण अवतार अनिरुद्ध कैसे हैं?
How is Pradyumna, the great commander of the Vrishni clan? Is he happy? And is Aniruddha, the complete incarnation of God, well?
तात्पर्य
प्रद्युम्न और अनिरुद्ध भी भगवान के व्यक्तित्व के विस्तार हैं, और इस प्रकार वे भी विष्णु-तत्व हैं। द्वारका में, भगवान वासुदेव अपने पारलौकिक मनोरंजनों में अपने संपूर्ण विस्तार, अर्थात् संकर्षण, प्रद्युम्न और अनिरुद्ध के साथ लीन हैं, और इसलिए वे सभी का और प्रत्येक को भगवान के व्यक्तित्व के रूप में संबोधित किया जा सकता है, जैसा कि अनिरुद्ध नाम के संबंध में उल्लेख किया गया है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥