कच्चिद्राजाहुको जीवत्यसत्पुत्रोऽस्य चानुज: ।
हृदीक: ससुतोऽक्रूरो जयन्तगदसारणा: ॥ २८ ॥
आसते कुशलं कच्चिद्ये च शत्रुजिदादय: ।
कच्चिदास्ते सुखं रामो भगवान् सात्वतां प्रभु: ॥ २९ ॥
अनुवाद
क्या उग्रसेन, जिनके पुत्र दुष्ट कंस थे और उनके छोटे भाई अभी भी जीवित हैं? क्या हृदिक और उनके पुत्र कृतवर्मा स्वस्थ हैं? क्या अक्रूर, जयंत, गदा, सारण और शत्रुजित सभी प्रसन्न हैं? भक्तों के रक्षक भगवान बलराम कैसे हैं?
Is Ugrasen, whose son was the evil Kamsa, and his younger brother still alive? Are Hridika and his son Kritavarma well? Are Akrura, Jayanta, Gad, Saran and Shatrujit happy? How is Lord Balarama, the protector of devotees?
तात्पर्य
पाण्डवों की राजधानी हस्तिनापुर कहीं आज की नई दिल्ली के नज़दीक स्थित था और उग्रसेन का राज्य मथुरा में स्थित था। द्वारका से दिल्ली लौटते समय, अर्जुन मथुरा नगरी में अवश्य गए होंगे, और इसलिए मथुरा के राजा के बारे में पूछताछ वैध है। रिश्तेदारों के विभिन्न नामों में, भगवान कृष्ण के सबसे बड़े भाई राम या बलराम का नाम "भगवान" शब्द के साथ जोड़ा गया है क्योंकि भगवान बलराम भगवान कृष्ण के प्रकाश-विग्रह के रूप में विष्णु-तत्व का तात्कालिक विस्तार हैं। परम भगवान, यद्यपि एक बिना दूसरे के, स्वयं को कई अन्य जीवित प्राणियों के रूप में विस्तारित करते हैं। विष्णु-तत्व जीवित प्राणी सर्वोच्च प्रभु के विस्तार हैं, और वे सभी गुणात्मक और मात्रात्मक रूप से प्रभु के समान हैं। परन्तु जीव-शक्ति के विस्तार, साधारण जीवित प्राणियों की श्रेणी, सर्वोच्च प्रभु के साथ बिल्कुल भी समान नहीं हैं। जो जीव-शक्ति और विष्णु-तत्व को समान स्तर पर मानता है, उसे दुनिया की एक निंदनीय आत्मा माना जाता है। श्री राम, या बलराम, प्रभु के भक्तों के रक्षक हैं। बलदेव सभी भक्तों के आध्यात्मिक गुरु के रूप में कार्य करते हैं, और उनकी निरंतर दया से पतित आत्माओं को मुक्ति मिलती है। श्री बलदेव भगवान चैतन्य के आगमन के दौरान श्री नित्यानंद प्रभु के रूप में प्रकट हुए, और महान भगवान नित्यानंद प्रभु ने जगई और माधई नामक अत्यंत पतित आत्माओं की एक जोड़ी को मुक्त करके अपनी निरंतर दया का प्रदर्शन किया। इसलिए यहां विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि बलराम प्रभु के भक्तों के रक्षक हैं। उनकी दिव्य कृपा से ही कोई भी सर्वोच्च भगवान श्री कृष्ण के पास पहुँच सकता है, और इस प्रकार श्री बलराम प्रभु की दया अवतार है, जो आध्यात्मिक गुरु के रूप में प्रकट होते हैं, शुद्ध भक्तों के उद्धारक।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥