जो भी सर्वोच्च काल (अनंत समय) के प्रभाव में आता है उसे अपने सबसे प्यारे जीवन काल को अर्पित करना पड़ता है, अन्य चीजों जैसे धन, सम्मान, बच्चे, जमीन और घर का तो कहना ही क्या।
Whosoever is under the influence of the Supreme Time (Eternal Time) has to offer his most precious life to Time, to say nothing of other things such as wealth, honour, children, land and house.
तात्पर्य
एक महान भारतीय वैज्ञानिक, जो योजना बनाने के कार्य में व्यस्त थे, को किसी महत्वपूर्ण योजना आयोग की बैठक में भाग लेने के लिए जाते समय अचानक काल ने बुला लिया और उन्हें अपनी जान, पत्नी, बच्चों, घर, जमीन, धन इत्यादि सब कुछ त्यागना पड़ा। भारत में हुए राजनीतिक उथल-पुथल और उसके भारत-पाकिस्तान में विभाजन के समय, बहुत से धनी और प्रभावशाली भारतीयों को समय के प्रभाव के कारण अपनी जान, संपत्ति और इज्जत से हाथ धोना पड़ा, और इस तरह के सैंकड़ों-हज़ारों उदाहरण दुनिया भर में, पूरे ब्रह्मांड में हैं जो समय के प्रभाव के परिणाम हैं। अतः निष्कर्ष यह निकलता है कि ब्रह्मांड के भीतर कोई भी ऐसा शक्तिशाली प्राणी नहीं है जो समय के प्रभाव को मात दे सकता हो। कई कवियों ने समय के प्रभाव पर शोक व्यक्त करते हुए काव्य लिखे हैं। समय के प्रभाव के कारण ब्रह्मांडों में कई विनाशकारी घटनाएँ हुई हैं और उन पर किसी भी उपाय से लगाम नहीं लग सकी है। हमारे दैनिक जीवन में भी बहुत सी चीज़ें आती-जाती रहती हैं जिन पर हमारे हाथ में ज़रा भी नियंत्रण नहीं होता है, फिर भी उपचारात्मक उपाय के बिना हमें उन्हें सहना और बर्दाश्त करना पड़ता है। यह समय का ही परिणाम है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥