भवाय नस्त्वं भव विश्वभावन
त्वमेव माताथ सुहृत्पति: पिता ।
त्वं सद्गुरुर्न: परमं च दैवतं
यस्यानुवृत्त्या कृतिनो बभूविम ॥ ७ ॥
अनुवाद
हे ब्रह्माण्ड के निर्माता, आप हमारी माँ, शुभचिंतक, भगवान, पिता, आध्यात्मिक गुरु और पूजनीय देवता हैं। आपके पदचिह्नों पर चलकर हम हर प्रकार से सफल हुए हैं। इसीलिए हमारी प्रार्थना है कि आप हमें अपनी कृपा और आशीर्वाद प्रदान करते रहें।
O Creator of the Universe, you are our mother, well-wisher, Lord, father, spiritual teacher and worshipful deity. We have succeeded in every way by following your footsteps. Therefore, we pray that you continue to bless us with your grace.
तात्पर्य
दैवीय व्यक्तित्व का सर्वोत्तम गुण, जो ब्रह्मांड का स्रष्टा होने के साथ-साथ सभी अच्छे जीवित प्राणियों के भले की भी योजना बनाता है। प्रभु द्वारा अच्छे जीवित प्राणियों को सलाह दी जाती है कि वे उनकी अच्छे सलाह का पालन करें, और ऐसा करने पर वे जीवन के सभी क्षेत्रों में सफल होते हैं। प्रभु के अतिरिक्त किसी देवता की पूजा करने की आवश्यकता नहीं है। प्रभु सर्व-शक्तिशाली हैं, और यदि वे हमारे कमल चरणों में आज्ञाकारिता से संतुष्ट होते हैं, तो वह हमारे भौतिक और आध्यात्मिक जीवन दोनों के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी प्रकार का आशीर्वाद देने में सक्षम हैं। आध्यात्मिक अस्तित्व प्राप्त करने के लिए, मानवीय रूप सभी के लिए ईश्वर के साथ अपने शाश्वत संबंध को समझने का एक अवसर है। उसके साथ हमारा संबंध शाश्वत है; इसे न तो तोड़ा जा सकता है और न ही मिटाया जा सकता है। इसे कुछ समय के लिए भुलाया जा सकता है, लेकिन यदि हम उनके आदेशों का पालन करते हैं, जो सभी समयों और सभी स्थानों के शास्त्रों में प्रकट होते हैं, तो इसे प्रभु की कृपा से पुनर्जीवित भी किया जा सकता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥