vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री बृहत् भागवतामृत
»
खण्ड 2: उत्तर-खण्ड: श्री गोलोक महात्म्य
»
अध्याय 6: अभीष्ट-लाभ (सभी इच्छाओं का प्राप्ति)
»
श्लोक 88
श्लोक
2.6.88
श्री-यशोदोवाच
प्रथमं त्वरया ज्येष्ठः
स्नापयित्वा प्रहीयताम्
नन्दस्यानयनायात्र
भोजनार्थाय बालिकाः
अनुवाद
श्री यशोदा ने कहा: हे प्रिये! पहले बड़े बालक को शीघ्र स्नान कराओ, फिर उसे भोजन के लिए नन्द को लाने भेजो।
Shri Yashoda said: O dear one, first give the elder child a quick bath, then send him to bring Nanda for food.
तात्पर्य
अज्ञात, यशोदा ने गोपियों को बालिकाएँ, निर्दोष लड़कियाँ, संबोधित किया।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×