श्री बृहत् भागवतामृत  »  खण्ड 2: उत्तर-खण्ड: श्री गोलोक महात्म्य  »  अध्याय 6: अभीष्ट-लाभ (सभी इच्छाओं का प्राप्ति)  »  श्लोक 67
 
 
श्लोक  2.6.67 
ततो गावो वृषा वत्साः
कृष्णसारादयो मृगाः
आगतास् तां दशां तस्य
दृष्ट्वा रोदन-कातराः
 
 
अनुवाद
तभी गायें, बैल, बछड़े, काले हिरण और अन्य पशु वहाँ आ गए। कृष्ण को उस अवस्था में देखकर वे वेदना से रोने लगे।
 
Just then, cows, bulls, calves, blackbucks, and other animals arrived. Seeing Krishna in that state, they began to cry in pain.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)