गोपिकानां च यद् गीतं
श्रूयते रोदनान्वितम्
तत्-तोषस्य शुचो वान्त्य-
काष्ठयेति न बुध्यते
अनुवाद
मैंने गोपियों के गीत सुने, उनके रोने के साथ, पर क्या वे परम संतोष के गीत थे या परम दुःख के? मैं नहीं बता सका।
I heard the songs of the gopis, accompanied by their weeping, but were they songs of supreme contentment or of supreme sorrow? I couldn't tell.
तात्पर्य
कृष्ण के प्रति उनके अद्भुत प्रेम के शीर्ष पर उत्पन्न, गोलोक-वासियों का व्यवहार गोप-कुमार को हैरान करता है। ऐसा ऊँचा प्रेम कुछ बहुत भाग्यशाली व्यक्तियों को छोड़कर बाकियों की समझ से परे है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥