श्री बृहत् भागवतामृत  »  खण्ड 2: उत्तर-खण्ड: श्री गोलोक महात्म्य  »  अध्याय 6: अभीष्ट-लाभ (सभी इच्छाओं का प्राप्ति)  »  श्लोक 320
 
 
श्लोक  2.6.320 
स्वं स्वं शकटम् आरूढा
महा-वृषभ-योजितम्
स-वेगम् अनुजग्मुस् तं
गोपा नन्दादयो ’खिलाः
 
 
अनुवाद
नन्द के नेतृत्व में सभी ग्वाले अपनी-अपनी गाड़ियों पर सवार होकर, बड़े-बड़े बैलों को जोतकर, शीघ्रता से अक्रूर के पीछे चल पड़े।
 
Under the leadership of Nanda, all the cowherds mounted their carts, harnessed to their large bulls, and quickly followed Akrura.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)