सरल हृदया यशोदा ने व्रज की स्त्रियों को सांत्वना देने के लिए अनेक प्रकार की बातें कहीं। किन्तु उनके मन दुःख और वेदना के अथाह सागर में डूबे हुए थे, इसलिए उन्होंने क्रोधपूर्वक उत्तर दिया:
Simple-hearted Yashoda offered many words to comfort the women of Vraja. But their hearts were drowned in a vast ocean of sorrow and pain, so they replied angrily:
तात्पर्य
यशोदा ने महिलाओं को सुझाव दिया कि क्योंकि उसने अपने पुत्र कृष्ण को एक मुनि के पुत्र अक्रूर और नंद महाराज को सौंप दिया था, इसलिए उनके बारे में चिंता करने का कोई कारण नहीं था। यह माना जा सकता है कि किसी संत के साथ जमा की गई कोई भी चीज सुरक्षित है। "मुझे यकीन है कि अक्रूर जल्द ही मेरे पति के साथ लौटेगा ताकि मैं कृष्ण को वापस ले सकूं।" अक्रूर के वादे पर सवाल उठाने के लिए वह बहुत ही सरल थी, भले ही वह जानती थी कि वह विश्वासघाती हो सकता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥