"हे परम सौभाग्यशाली लोगों, मुझ पर दया करो, जो करुण पुकार के साथ तुमसे प्रार्थना कर रहा हूँ। हे श्रद्धालु भक्तों, कृपया मुझे कुछ उत्तर दो, चाहे केवल इशारे से ही सही!
"O most fortunate ones, have mercy on me, who is praying to you with a pitiful cry. O devout devotees, please give me some answer, even if only by a gesture!
तात्पर्य
कोई जवाब न पाकर, गोपा-कुमार ने पहले अनुमान लगाया कि शायद ये गोलोक-वासी लगभग बहरे हैं। इसलिए वो फिर से जोर-जोर से नाम लेकर सबको पुकारता है, "भो भोः" ("प्रिय लोगों, प्रिय लोगों")। इसके बाद उसे महसूस होता है कि वो बहरे नहीं हैं बल्कि उसे अनदेखा कर रहे हैं, इसलिए वो उन्हें अपने अनुरोध की सच्चाई बताने की कोशिश करता है। वो उनकी प्रशंसा करता है जैसे कि "धन्याः" ("सबसे भाग्यशाली") और "सु-व्रताः" ("नियमित सिद्धांतों के प्रति विश्वासी अनुयायी")। और अगर ये भक्त मौन व्रत का पालन कर रहे हैं, तो कम से कम हाथ के इशारों से उसका जवाब दे सकते हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥