श्री बृहत् भागवतामृत  »  खण्ड 2: उत्तर-खण्ड: श्री गोलोक महात्म्य  »  अध्याय 6: अभीष्ट-लाभ (सभी इच्छाओं का प्राप्ति)  »  श्लोक 256
 
 
श्लोक  2.6.256 
आद्यो महा-हयाकारो
द्वितीयस् तु वृषाकृतिः
गोपान् भीषयमाणौ तान्
मर्दयन्तौ च गोकुलम्
 
 
अनुवाद
इनमें से पहले ने विशाल घोड़े का रूप धारण किया और दूसरे ने बैल का। उन्होंने गोकुल की भूमि को रौंदते हुए ग्वालों को भयभीत कर दिया।
 
The first took the form of a huge horse and the second of a bull. They trampled the land of Gokul, terrifying the cowherds.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)