श्री बृहत् भागवतामृत  »  खण्ड 2: उत्तर-खण्ड: श्री गोलोक महात्म्य  »  अध्याय 6: अभीष्ट-लाभ (सभी इच्छाओं का प्राप्ति)  »  श्लोक 234
 
 
श्लोक  2.6.234 
ततस् तेषां च सर्वेषां
प्राणिनाम् आर्ति-पूरिताः
महा-क्रन्द-वरा घोरा
बभूवुर् विश्व-रोदकाः
 
 
अनुवाद
तब वहां उपस्थित सभी प्राणियों ने एक महान और भयानक चीख निकाली, जो पीड़ा से भरी हुई थी, जिससे सारा ब्रह्मांड दर्द से कराह उठा।
 
Then all the beings present there uttered a great and terrible scream, filled with agony, which made the entire universe groan with pain.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)