भगवान कृष्ण की प्रेरणा से प्रेरित होकर, एक बूढ़ा व्यक्ति ग्वालों के गाँव की ओर दौड़ा। वह रोया और "हाय! हाय!" की भयानक चीखें लगाईं और ग्वालों को बताया कि क्या हो रहा है।
Inspired by Lord Krishna's words, an old man ran toward the cowherds' village. He cried and cried out in terror, "Alas! Alas!" and told the cowherds what was happening.
तात्पर्य
श्री नंद और अन्य ग्वालों ने अशुभ शगुन देखे थे और कृष्ण के बारे में कोई खबर नहीं मिल रही थी जिससे वे घबराहट के कारण मरने को आतुर हो रहे थे। उनके कष्टों को कम करने के लिए कृष्ण ने एक वृद्ध ग्वाले को दिमागी तौर पर संदेश दिया और उसे स्थिति का हाल बताने के लिए भेजा। अगर कृष्ण ने उसे ऐसा करने के लिए नहीं कहा होता, तो उस वृद्ध में वापस व्रज लौटने की शक्ति नहीं होती। कृष्ण प्रभु हैं, भगवान है, इस लिए वो किसी को भी कुछ भी करने के लिए सशक्त कर सकते हैं। उन्होंने एक वृद्ध व्यक्ति को संदेशवाहक इसलिए बनाया क्योंकि किसी बड़े की बाते किसी के भी अंतरंग रस में हस्तक्षेप नहीं कर सकती और अधिक विश्वसनीय होती हैं।
दरअसल, व्रजवासियों में अशुभ शगुन देखने और कृष्ण के बारे में कोई समाचार न मिलने पर निराशा देखने से उनके प्रति उनके विशेष प्रेम को बढ़ाना था। निश्चित तौर पर वे कालिया के तालाब पर तुरंत आएंगे जब उन्हें इस बात का पता चलेगा कि वह वहां मौजूद हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥