तब सारूप कह सकते हैं, "लेकिन मैं ऐसा नहीं कर सकता, क्योंकि वे घटनाएँ अनंत हैं।"
"तब कृपया कम से कम उनमें से कुछ का विस्तार से वर्णन करें," ब्राह्मण आग्रह कर सकते हैं।
अंत में सारूप ने उत्तर दिया, "नहीं, एक बुद्धिमान व्यक्ति को वह नहीं बोलना चाहिए जिससे पूरे विश्व को दुख मिले। यदि कोई ऐसा करता है, तो वह बुद्धिमान नहीं है।" दरअसल, बदारायण व्यास के पुत्र ने भी श्रीमद्-भागवतम में यें तथ्य- व्रज के निवासियों के कृष्ण से रोज वियोग के बारे में विस्तार से नहीं बताए।
