वैकुण्ठ के ऊपर स्थित, सभी लोकों का अद्वितीय शिखर रत्न, केवल गोलोक ही ऐसी उत्कृष्ट महिमा दिखा सकता है।
Only Goloka, the peerless crown jewel of all the worlds, situated above Vaikuntha, can display such transcendental glory.
तात्पर्य
गोलोक इतना गौरवशाली क्यों है? क्योंकि यह सभी लोकों से सबसे श्रेष्ठ है। और ये क्यों? क्योंकि गोलोक वैकुंठ से भी ऊँचा है। गोलोक वैकुंठ से ऊपर है क्योंकि इसकी श्रेष्ठताएँ वैकुंठ से बढ़कर हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥