तस्मिन् सुभद्रा-बलराम-संयुतस्
तं वै विनोदं पुरुषोत्तमो भजेत्
चक्रे स गोवर्धन-वृन्दकाटवी-
कलिन्दजा-तीर-भुवि स्वयं हि यम्
अनुवाद
वहाँ, सुभद्रा और बलराम के साथ, भगवान पुरुषोत्तम वही क्रीड़ाएँ करते हैं जो उन्होंने गोवर्धन, वृन्दावन और यमुना के तट पर की थीं।
There, with Subhadra and Balarama, Lord Purushottam plays the same games that He did in Govardhana, Vrindavan and on the banks of the Yamuna.
तात्पर्य
भगवान जगन्नाथ साक्षात कृष्ण हैं। वैकुण्ठ के पुरुषोत्तम-क्षेत्र में जाने पर गोपा-कुमार अपनी पूजा के लक्ष्य भगवान कृष्ण को अपनी प्रिय लीलाओं का आनंद लेते हुए देख पाएंगे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥