व्रजवासी काल से परे हैं। हममें से जो ज्ञान-ऐश्वर्य से संपन्न हैं, उनके चरण हर प्रकार से पूजनीय हैं। यहाँ के यादव भी, जो वैकुंठ के परमानंद की अद्वितीय धारा को जानते हैं, उन व्रजवासियों की पूजा करते हैं।
The residents of Vraja are beyond time. Those of us who are endowed with wisdom and opulence, their feet are worthy of worship in every way. Even the Yadavas here, who know the unparalleled flow of bliss in Vaikuntha, worship those residents of Vraja.
तात्पर्य
यह सोचना ग़लत है कि वृजवासी कृष्ण को अपना ही एक समझते हैं क्योंकि वे भगवान के रूप में उनके परम पद से अनजान हैं। वृज के भक्त अज्ञानी नहीं हैं, और न ही वे कभी दुख उठाते हैं या समय बर्बाद करते हैं। वे केवल अपने शुद्ध प्रेम के कारण ही ऐसा करते हैं, जिसके लिए द्वारका के महान वैष्णव, जिसमें उद्धव भी शामिल हैं, उनका अत्यधिक सम्मान करते हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥