अद्य-प्रभृति गोपानां
गवां गोष्ठस्य चानघ
आपत्सु शरणं कृष्णः
प्रभुश्चायत-लोचनः
"आज से, हे पापरहित, ख़तरनाक स्थितियों में चौड़ी आंखों वाले कृष्ण हमारे गोपों, गायों और हमारे पूरे समुदाय के लिए आश्रय स्थल होंगे। वे हम सभी के स्वामी होंगे।" "हमारे पूरे समुदाय" वाक्यांश का अर्थ है कि गोप अपने कथन में युवा गोपियों को भी शामिल करना चाहते थे, लेकिन वे कृष्ण के साथ उनके रिश्ते का सीधे तौर पर उल्लेख करने में बहुत शर्मिंदा थे। जैसा कि गोप अच्छी तरह से जानते हैं, यहां तक कि उनकी पत्नियां भी कृष्ण की हैं; इसलिए, जब गोप उनका उल्लेख भ्र्या के रूप में करते हैं, तो वे जिन महिलाओं के भरण-पोषण के लिए जिम्मेदार हैं, उनका मतलब कृष्ण के आनंद के लिए है, न कि अपने लिए।
