पूर्व-वत स्थापितं गोपैर्
बलिभिः सह-परिच्छदम
"मजबूत, मोटे ग्वालों ने हाथ गाड़ी पर मटकों और सामग्री को इकट्ठा किया और उसे पहले की तरह स्थापित किया।" (भागवतम 10.7.12)
गाड़ी को गिराने के अपने चमत्कारी कार्य के बाद, कृष्ण ने अपनी माँ को आने और उन्हें अपना दूध पिलाने के लिए चिल्लाया। यह विचार करना आश्चर्यजनक है कि इतनी बेजोड़ शक्ति वाला व्यक्ति भी अपनी माँ के स्तन के दूध के लिए चिल्ला सकता है। और दूसरे दृष्टिकोण से, यह भी आश्चर्यजनक है कि कृष्ण ने गाड़ी को नष्ट करने के बाद अपनी माँ से दूध माँगा जो कि घर की सबसे मूल्यवान संपत्ति थी। बच्चे कृष्ण ने अपनी माँ यशोदा को दो बार अपने मुंह के भीतर ब्रह्मांड दिखाया: एक बार अपने स्तन से दूध पीते हुए और फिर जब उन्होंने उन पर मिट्टी खाने का आरोप लगाया। फिर यह कितना अधिक आश्चर्यजनक है कि ऐसा व्यक्ति जो इस तरह के चमत्कार कर सकता है वह अपनी माँ के दूध के लिए भी चिल्ला सकता है।
हालाँकि त्रनावर्त राक्षस को मारने के बाद माँ यशोदा ने दो अलग-अलग मौकों पर कृष्ण के मुँह में स्थित ब्रह्मांड के बारे में दृष्टिकोण देखा था, लेकिन इस पद में उनका एक साथ वर्णन किया गया है ताकि यह उजागर किया जा सके कि यह कितना आश्चर्यजनक है कि यह शक्तिशाली कृष्ण दूध के लिए असहाय रूप से रो रहा था। कृष्ण की गोकुल वृंदावन लीलाएँ अत्यंत शानदार और मनमोहक हैं क्योंकि वे परमेश्वर की शक्ति के चरम प्रदर्शन को उनकी मधुरता के चरम प्रदर्शन के साथ जोड़ती हैं।
