इस प्रकार जप का अभ्यास करें: "हे सीता के पति रघुनाथ, हे लक्ष्मण के बड़े भाई! हे प्रभु, श्री हनुमान के प्रिय स्वामी!" और वेदों तथा अन्य शास्त्रों में प्रकट भगवान रामचन्द्र के गुणों, सौंदर्य और शक्ति का स्मरण करें।
Practice chanting in this manner: "O Raghunath, husband of Sita, O elder brother of Lakshmana! O Lord, beloved master of Sri Hanuman!" and remember the qualities, beauty, and power of Lord Ramacandra as revealed in the Vedas and other scriptures.
तात्पर्य
गोकुल-कुमार भगवान के रघु को कौशल्या के प्यारे पुत्र, या दशरथ के पुत्र, या भरत के छोटे भाई, या सुग्रीव के मित्र के रूप में संबोधित करके उनकी पूजा कर सकते हैं। या वे श्री रघुनाथ के शर्म, विनम्रता आदि पारलौकिक गुणों, उनके हाथ में धनुष लेकर आने के रूप में सुंदर और विविध औपनिवेशिकों के उनके शक्तिशाली प्रदर्शनों को याद कर सकते हैं। मूल वेद भगवान रामायण की महिमा और लीलाओं का कुछ संकेत देते हैं, जिनका वर्णन पुराणों और वाल्मीकि ऋषि के रामायणों में विस्तार से दिया जाता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥