यदि वह सर्वोत्तम पद्धति प्रदान करना चाहते, तो वह कर सकते थे, परंतु इसके बजाय, वह विशिष्ट प्रेममय सेवा के लिए प्रत्येक भक्त के व्यक्तिगत स्वाद को पसंद करते हैं। विविध भक्तों के साथ पारस्परिकता की यह विविधता उनकी लीला और उनकी विशेष महानता है। कोई यह समझ पाने का प्रयास कैसे कर सकता है कि वह इस प्रकार क्यों कार्य करते हैं? हम केवल इतना ही समझ सकते हैं कि यदि वे विभिन्न भक्तों के साथ विभिन्न प्रकार की लीलाओं का विस्तार न करते, तो उनके विविधतापूर्ण आनंद का आकर्षण पूर्ण नहीं होता।
