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श्री बृहत् भागवतामृत
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खण्ड 2: उत्तर-खण्ड: श्री गोलोक महात्म्य
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अध्याय 4: वैकुण्ठ (आध्यात्मिक जगत)
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श्लोक 143
श्लोक
2.4.143
वराहा नर-सिंहाश् च
वामनाश् च त्रि-लोचनाः
चतुर्-मुखाः सहस्राक्षाः
महा-पुरुष-विग्रहाः
अनुवाद
कुछ लोग सूअर, नर-सिंह या बौने बन गए हैं, और कुछ के पास तीन आंखें, चार भुजाएं हैं - या महापुरुष की तरह हजारों आंखें हैं।
Some have become pigs, lions or dwarfs, and some have three eyes, four arms – or like the great man, have a thousand eyes.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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