उसी समय भगवान के सेवक मुझे वैकुंठ ले जाने के लिए विमान में सवार होकर आए। उन्होंने मुझे तुरंत उस विमान में बिठाया और ले गए, और जब मैंने आँखें खोलीं तो देखा कि सब कुछ बदल गया था। स्तब्ध होकर, मैं पूरी तरह से होश में आया और उन्हें अपने बगल में देखा, वही उपकारी जिनसे मैं पहले मिल चुका था।
At that moment, the Lord's servants arrived in a plane to take me to Vaikuntha. They immediately placed me on the plane and took me away, and when I opened my eyes, I saw that everything had changed. Stunned, I regained full consciousness and saw Him beside me, the same benefactor I had met earlier.
तात्पर्य
ठीक उसी तरह जैसे गोपा-कुमार का शुद्ध प्रेम अपने चरम पर पहुँच गया था, वैकुण्ठ के दूत उसे अपने प्रभु के राज्य में ले जाने के लिए आए। वे गोपा-कुमार को बेहोश अवस्था में अपने वैकुण्ठ वाहन पर ले गए, और उड़ान के दौरान वह जाग गया। अपनी आँखें खोलकर और चारों ओर देखकर, वह खुद को अपरिचित परिवेश में पाकर चकित रह गया। वह निश्चित रूप से अब व्रज-भूमि में नहीं था। वैकुण्ठ-दूत, गोपा-कुमार के शिक्षक, ने पहले उसमें वैकुण्ठ को देखने की इच्छा जगाई थी और उसे वैकुण्ठ के पास जाने की विशिष्ट विधियाँ सिखाई थीं। अब, उसे वहाँ ले जाकर, वे व्यक्तिगत रूप से उसके प्रयासों की सफलता का पुरस्कार दे रहे थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥