कुछ परिचारक जो प्रभु शिव के पास गाते थे जब वह नृत्य करते थे, उनकी चार भुजाएँ भी थी, लेकिन नए आए चार-भुजा वाले व्यक्ति असाधारण रूप से सुंदर थे।