अतः भगवान शिव की आज्ञा का सम्मान करते हुए, तुम्हें तुरन्त यह स्थान छोड़ देना चाहिए। दिव्य मथुरा जाओ, जो कृष्ण को अत्यंत प्रिय है। हे मथुरा, हम तुम्हें प्रणाम करते हैं!
Therefore, respecting Lord Shiva's command, you should leave this place immediately. Go to divine Mathura, which is so dear to Krishna. O Mathura, we salute you!
तात्पर्य
भगवान शिव ने पहले ही गोप-कुमार को महाकाल-पुरा को छोड़कर पृथ्वी पर मथुरा जाने की सलाह दी है। अब वैकुंठदूत उन्हें तुरंत ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। उनके वैकुंठ से नीचे आने का कारण ही गोप-कुमार को भौम-वृंदावन लौटाना है। यदि गोप-कुमार मुक्ति के स्थान तक पहुँचने के बाद सवाल करते हैं कि उन्हें वापस क्यों जाना चाहिए जहाँ से उन्होंने शुरुआत की थी, वैकुंठ-दूत उन्हें आश्वासन देते हैं कि श्री मथुरा, कृष्ण का पसंदीदा स्थान, उनकी सभी महत्वाकांक्षाओं को बिना किसी देरी के पूरा करेगा।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥