यद्यपि भगवान के सभी नाम समान रूप से महान हैं, फिर भी एक भक्त अपने लक्ष्य को सबसे शीघ्रतापूर्वक, सबसे आसानी से उस नाम का जप करके प्राप्त कर लेता है जो उसे स्वयं सबसे प्रिय है।
Although all the names of the Lord are equally great, a devotee attains his goal most quickly and most easily by chanting the name that is most dear to him.
तात्पर्य
जैसा कि सर्वोच्च प्रभु के नाम अपनी महिमा में सभी अनंत हैं, इसलिए एक नाम दूसरे से बड़ा नहीं हो सकता। चिंतामणि रत्न भिन्न-भिन्न रूपों में हो सकते हैं, किंतु उन सभी में समान शक्ति होती है। कोई भी चिंतामणि व्यक्ति को वह सब कुछ दे सकता है जो वह चाहे। फिर भी, यदि किसी भक्त का किसी विशेष नाम से विशेष लगाव है, तो वह नाम उसे सर्वाधिक शीघ्रता और सरल रूप से पूर्णता की ओर ले जाएगा। इस प्रकार जो भक्त राम नाम को श्रेष्ठ मानते हैं, उन्हें प्रभु शिव द्वारा कही गई इस उक्ति को उद्धृत करना अच्छा लगता हैः सहस्त्र-नामाभिस तुल्यं/ राम-नाम वराननेः, "हे मेरी सुंदर पत्नी, राम नाम विष्णु के एक हजार नामों के बराबर है"। (पद्म पुराण, उत्तर ७२.३३५)
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥