तत्र किञ्चित् पुराणं स
शृणोति सह वैष्णवैः
तैर् अर्च्यमाना विविधा
विष्णु-मूर्तीश् च पश्यति
अनुवाद
वहाँ दशश्र्वमेधघाट में उन्होंने वैष्णवों के साथ पुराणों के कुछ अंश सुने और उन्होंने भगवान विष्णु के विभिन्न विग्रहों के दर्शन किये जिनकी वे पूजा करते थे।
There at Dashaswamedh Ghat he listened to passages from the Puranas with the Vaishnavas and saw the various idols of Lord Vishnu which they worshipped.
तात्पर्य
श्री माधव जी के सानिध्य में वह श्री पद्म पुराण (उत्तर-कांड) के माघ-माहात्म्य आदि पुराणों के प्रसंगों की चर्चा करते थे, जिससे माघ मास में प्रयाग में स्नान की महिमा का वर्णन मिलता है। साधु सत्संग सुनकर उनकी दृढ़ श्रद्धा और भावोल्लास से वे प्रभावित होने लगे थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥