श्री बृहत् भागवतामृत  »  खण्ड 2: उत्तर-खण्ड: श्री गोलोक महात्म्य  »  अध्याय 1: वैराग्य (त्याग)  »  श्लोक 66
 
 
श्लोक  2.1.66 
सर्वान्तर्-आत्मा जगद्-ईश्वरेश्वरो
यः सच्-चिद्-आनन्द-घनो मनो-रमः
वैकुण्ठ-लोके प्रकटः सदा वसेद्
यः सेवकेभ्यः स्वम् अपि प्रयच्छति
 
 
अनुवाद
वे प्रत्येक जीव के हृदय में स्थित परमात्मा हैं, ब्रह्माण्ड के समस्त स्वामियों के स्वामी हैं, शाश्वतता, ज्ञान और आनंद के सर्वाकर्षणीय एकाग्र स्वरूप हैं। वे वैकुंठ लोक में निवास करते हैं, जहाँ उन्हें सदैव देखा जा सकता है। और अपने सेवकों को वे अपना स्वरूप प्रदान करते हैं।
 
He is the Supreme Being within the heart of every living being, the Lord of all lords in the universe, the all-attractive concentrated form of eternity, knowledge, and bliss. He resides in the Vaikuntha planetary system, where He can always be seen. He bestows His form upon His devotees.
तात्पर्य
परम भगवान के व्यक्तित्व के अनेक पहलुओं को न जानते हुए ब्राह्मण को संदेह हो सकता है कि कोई कैसे उस पुरुष को समर्पित हो सकता है जिसकी कोई विशेष पहचान या स्थान नहीं है। यहाँ वैष्णव ब्राह्मण को आश्वस्त करते हैं कि प्रभु की अपनी विविध पहचान और स्थान हैं। वह पूरे ब्रह्मांड और प्रत्येक व्यक्तिगत जीव दोनों का ही परमात्मा है। इस प्रकार उनकी महानता भीतर और बाहर दोनों ही जगह प्रकट होती है। वह अनेक ब्रह्मांडों के सभी देवताओं का शासक है; अन्य शासकों के पास जो भी शक्तियाँ और संपत्ति हैं, वे भी उसके पास हैं, लेकिन असीमित मात्रा में। वह व्यक्तिगत रूप में परम निरपेक्ष सत्य है, और उसका प्राथमिक स्थान वैकुंठ है। भले ही वह अंतरनिहित परमात्मा के रूप में छिपा हुआ हो, वैकुंठ के स्वामी के रूप में उनके रूप में उनके वैभव पूरी तरह से दिखाई देते हैं, जिसे उनके भक्त अपने हृदय से प्रेम करते हैं। उनकी सुंदरता, आकर्षण और अनगिनत अन्य पारलौकिक गुण सभी आकर्षक हैं। और "वह क्या देने में सक्षम हैं?" प्रश्न के उत्तर में, उत्तर है "उनका अपना स्वयं।" इसके द्वारा वैष्णव यह कहते हैं कि वह आसानी से वैकुंठ में शुद्ध भक्ति और शाश्वत निवास प्रदान कर सकते हैं, भौतिक जीवन के चार लक्ष्यों की तो बात ही छोड़िए। क्रिया प्रयच्छति में उपसर्ग प्रा- द्वारा व्यक्त की गई, वह उदारता से यह सब स्वयं को भी देते हैं, जिसका अर्थ है कि वह और उनके सेवक असीम उल्लास की बाढ़ साझा करते हैं।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)