जनम बाल्यं तत सर
जंतुः प्राप्नोति यौवन
अन्याहतैव भवति
ततो 'नु-दिवसम जरा
"प्रत्येक प्राणी जन्म लेता है, फिर एक बच्चा, और फिर एक युवा। और यदि उसका जीवन समय से पहले बाधित नहीं होता है, तो वह प्रतिदिन बुढ़ापे की ओर पहुंचता है।"
गोपा-कुमार आपत्ति कर सकता है कि यहां पुरी में भगवान दिखाई देते हैं जबकि मथुरा में नहीं। लेकिन भगवान जगन्नाथ यहां जवाब देते हैं कि वह निश्चित रूप से मथुरा में रहते हैं, अपने भक्तों के साथ घूमते हैं और आनंद लेते हैं।
