ये सर्व-नैरपेक्ष्येण
राधा-दास्येच्छवः परम्
सङ्कीर्तयन्ति तन्-नाम
तादृश-प्रियता-मयाः
अनुवाद
वे उनके नाम का जप करते हैं और उनके प्रति अनन्य प्रेम से ओतप्रोत रहते हैं। अन्य सब बातों से उदासीन होकर, वे केवल श्रीराधा के दास बनना चाहते हैं।
They chant her name and are filled with unconditional love for her. Indifferent to everything else, they desire to become only Sri Radha's servants.
तात्पर्य
श्री राधा की भक्तगण, जो मधना-गोपाल के प्रियतम हैं, वे निरपेक्षवादी नहीं होते हैं। उन्हें पूर्ण विश्वास है कि अगर श्री राधिका उन्हें अपनी दासी के रूप में स्वीकार करती हैं, तो उनकी हर इच्छा पूरी हो जाएगी और बहुत कुछ। श्री राधा की सेवा का सौभाग्य जीवन का सबसे दुर्लभ लक्ष्य है, और यह उचित है कि यह सौभाग्य केवल सबसे उत्तम साधनाओं को निष्पादित करके ही प्राप्त किया जा सके। कहने का तात्पर्य यह है कि कोई भी केवल रास-रसिक नामों का शुद्ध रूप से जप करने के बलिदान से ही उनकी दिव्य अनुग्रह को प्रसन्न कर सकता है, जो कि रास नृत्य के नायक हैं। मधुर आवाजों में श्री राधा की दासी हमेशा मधुरता और जोर से कृष्ण के नामों का उच्चारण करती हैं। ऐसे भक्त इस तरह की उत्कृष्ट सेवा में संलग्न होने के योग्य हैं क्योंकि उनके दिल कृष्ण के लिए सहज उत्साही प्रेम की सर्वोच्च विविधता से भरे हुए हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥