भारते चोत्कले देशे
भू-स्वर्गे पुरुषोत्तमे
दारु-रूपी जगन्नाथो
भक्तानां अभय-प्रदः
नर-चेष्टां उपादाया
आस्ते मोक्षैक-कारकः
"भारतवर्ष में उतकल राज्य में, पुरुषोत्तम का सांसारिक स्वर्ग स्थित है। वहाँ भगवान जगन्नाथ लकड़ी के रूप में प्रकट होते हैं। मानवीय गतिविधियों को संभालते हुए, वह अपने भक्तों को निडरता प्रदान करते हैं। वह मुक्ति के एकमात्र दाता हैं।"
भगवान जगन्नाथ अपनी महिमा का प्रदर्शन करते हैं, जैसे दुर्भाग्यपूर्ण आत्माओं पर उनकी दया। विशेष रूप से अपने सेवकों के प्रति स्नेही, वह उनके अपराधों को कभी भी गंभीरता से नहीं लेते हैं।
