श्री बृहत् भागवतामृत  »  खण्ड 2: उत्तर-खण्ड: श्री गोलोक महात्म्य  »  अध्याय 1: वैराग्य (त्याग)  »  श्लोक 158
 
 
श्लोक  2.1.158 
एतस्मिन् एव समये
तत्र दक्षिण-देशतः
समागतैः साधु-वरैः
कथितं तैर्थिकैर् इदम्
 
 
अनुवाद
तभी दक्षिण से कुछ पूज्य संत तीर्थयात्रा पर आये और मुझसे कहा:
 
Then some revered saints from the south came on pilgrimage and said to me:
तात्पर्य
विष्णु भगवान के ये पवित्र तीर्थयात्री जगन्नाथ पुरी से आए वैष्णव थे। कुछ समय के लिए ये पवित्र धाम को छोड़कर भगवान विष्णु के देवताओं और भक्तों को देखने के लिए अन्यत्र, अधिकतर विभिन्न तीर्थस्थानों पर गए थे।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)