मया च लब्ध्वा तद्-राज्यं
विष्णु-पूजा मुदाधिका
प्रवर्तिता तद्-अन्नैश् च
भोज्यन्ते साधवो ’न्व्-अहम्
अनुवाद
उनका राज्य प्राप्त करने के बाद, मैंने भगवान विष्णु की आनंदमय पूजा का और भी अधिक विस्तारपूर्वक आयोजन किया। प्रतिदिन, इस पूजा से प्राप्त बचे हुए भोजन से साधु-संत भोजन करते थे।
After regaining their kingdom, I organized an even more elaborate joyous worship of Lord Vishnu. Every day, the sages and saints would eat the leftover food from this worship.
तात्पर्य
वह एक सामान्य मन का व्यक्ति था, गोपा-कुमार ने अपनी भौतिक उच्चता को अपनी भक्ति सेवा को बढ़ाने के एक अवसर के रूप में स्वीकार किया। जैसे ही वह राजा बना, उसने यह सुनिश्चित किया कि भगवान विष्णु की पूजा में सुधार हो और भगवान की कृपा का यथासंभव व्यापक रूप से वितरण किया जाए।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥